Home Career मीरा और एकलव्य पुरस्कार राशि अब 11 से बढ़ाकर की 21 हजार

मीरा और एकलव्य पुरस्कार राशि अब 11 से बढ़ाकर की 21 हजार

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जयपुर.राजस्थान स्टेट ओपन स्कूल परीक्षा में राज्य स्तर पर सर्वोच्च स्थान पर रहने वाले परीक्षार्थी को सम्मान स्वरूप दी जाने वाली मीरा और एकलव्य पुरस्कार राशि को 11 हजार रूपये से बढ़ाकर 21 हजार रूपये किया गया है.
शिक्षा राज्य मंत्री श्री गोविन्द सिंह डोटासरा ने सोमवार को शिक्षा संकुल में राजस्थान स्टेट ओपन स्कूल के परीक्षा परिणाम जारी करते हुए यह घोषणा की। उन्होंने  इस मौके पर यह भी घोषणा की कि स्टेट ओपन स्कूल में जिला स्तर पर अव्वल रहने वाले परीक्षार्थियों को भी अब 3100 रूपये राशि के स्थान पर 11 हजार रूपये राशि सम्मान स्वरूप प्रदान की जाएगी।
श्री डोटासरा ने कहा कि राजस्थान स्टेट ओपन स्कूल की परीक्षाओं में अधिक से अधिक अभ्यर्थी बैठे, इसके लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इसके लिये राज्य सरकार द्वारा ओपन स्कूल के राजकीय संदर्भ केन्द्रों में कम्प्यूटर, प्रिंटर एवं प्रोजेक्टर एवं अन्य आवश्यक सामग्री के लिए 5.50 करोड़ रूपये राशि का प्रावधान किया जाएगा। आगामी दो माह में इस संबंध में राशि आवंटित कर यह प्रयास किया जाएगा कि जल्द से जल्द राज्य संदर्भ केन्द्रों में कम्प्यूटर और तमाम सामग्री पहुुंच जाए।
शिक्षा राज्य मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत की यह मंशा है कि प्रदेश में सभी को शिक्षा के बेहतर अवसर मिले। उन्होंने कहा कि मुख्यमंश्री श्री गहलोत का विशेष जोर है कि जो लोग किसी कारण से औपचारिक शिक्षा नहीं प्राप्त कर पाते हैं, वे अधिक से अधिक संख्या में स्टेट ओपन स्कूल की कक्षा 10 वीं और 12 वीं की परीक्षा में भाग लें।
इस अवसर पर श्री डोटासरा ने कहा कि राज्य सरकार की सवोच्च प्राथमिकता यही है कि शिक्षा के लिए सभी को समान अवसर मिले। इसीलिए शिक्षा अधिकारियों से चर्चा कर यह भी सुनिश्चित किया गया है कि स्टेट ओपन स्कूल से प्राप्त होने वाली फीस राशि पर आयकर विभाग की छूट मिले। उन्होंने कहा कि यह बताते हुए प्रसन्नता है कि वर्तमान सरकार के प्रयासों से आयकर विभाग ने स्टेट ओपन स्कूल परीक्षाओं के लिये जाने वाली शुल्क राशि को आयकर मुक्त कर दिया है। इस राशि का उपयोग छात्र हितों के लिए स्टेट ओपन स्कूल से संबंधित सुविधाओं, संदर्भ सामग्री की गुणवत्ता के लिये किया जाएगा।
शिक्षा राज्य मंत्री श्री गोविन्द सिंह डोटासरा ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा में राजनीतिकरण के पक्ष में नहीं है। उन्होंने कहा कि दुर्भावना से जो कार्य गत सरकार द्वारा किए गये हैं, उनकी समीक्षा की जाएगी और प्रदेश की जनता के हित में, शिक्षा की गुणवत्ता के लिए जो ठीक होगा वही किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का पूर्ण प्रयास यही रहेगा कि प्रदेश में शिक्षा की बेहतरी हो तथा विद्यालयों में विद्यार्थियों को शिक्षा के समान और गुणवत्तापूर्ण अवसर मिल सके। उन्होंने कहा कि शिक्षा का विकास हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। हम यह देखेंगे कि निजी विद्यालय मनमानी नहीं करे,परन्तु शिक्षा के प्रसार में उनको साथ लेकर प्रदेश में शिक्षा के सार्वजनिकरण के लिए हर संभव प्रयास किये जाएंगे।

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