राजकीय तकनीकी महाविद्यालयों में जल्द होगी भर्ती

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जयपुर, 2 जनवरी। तकनीकी शिक्षा राज्य मंत्री श्री सुभाष गर्ग ने कहा कि राजकीय अभियांत्रिकी तथा पॉलिटेक्निक महाविद्यालयों में शैक्षणिक तथा गैर शैक्षणिक भर्तियों को जल्दी से जल्दी भरने के प्रयास किये जाएंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षक अधिकारी तथा कर्मचारियों के ड्यूटी पर समय से नहीं पहुंचने और काम में कोताही को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
श्री गर्ग बुधवार को झालाना स्थित सेन्टर फॉर इलेक्ट्रोनिक गवर्नेन्स में आयोजित राजकीय अभियांत्रिकी तथा पॉलिटेक्निक महाविद्यालयों की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने संस्थानों में फेकल्टी, लैब सुविधाओं, प्लेसमेंट व इन्फ्रास्ट्रक्चर की स्थिति के बारे में जानकारी ली। श्री गर्ग ने तकनीकी संस्थानों में विद्यार्थियों की घटती हुई संख्या पर चिंता व्यक्त की और कहा कि अच्छे शिक्षक, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और कॉलेज छोड़ने के पश्चात् अच्छा प्लेसमेंट देकर विद्यार्थियों को आकर्षित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि तकनीकी संस्थानों में जॉब ओरिएन्टेड कोर्सेज चलाए जाएंगे, जिससे विद्यार्थियों को रोजगार के अच्छे अवसर मिलें।
उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता महत्त्वपूर्ण मुद्दा है, और इसका सबसे ज्यादा ध्यान रखा जाएगा। उन्होंने इसके लिए लिखित परीक्षा को सलेक्शन का आधार मानने तथा ओपन इंटरव्यू का सुझाव दिया। उन्होंने निर्देश दिये कि प्रशासनिक अधिकारी कमरे में नहीं बैठें तथा फील्ड में जाकर नियमित रूप से निरीक्षण करें।
तकनीकी शिक्षा राज्य मंत्री ने मार्च के अंत तक सभी अभियांत्रिकी कॉलेजों की बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की बकाया बैठकें करने के सख्त निर्देश दिये। उन्होंने सभी कॉलेजों को साल मे कम से कम एक एल्यूमिनी मीट आयोजित करने के लिए कहा। उन्होंने विद्यार्थियों के लिए गाइडेन्स, एडवाइजरी तथा प्लेसमेंट की सुविधाएं एक ही जगह उपलब्ध कराने और प्लेसमेंट्स के लिए राज्य स्तर पर एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने के भी निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत रूप से सभी अभियांत्रिकी कॉलेजों में जाकर वहां की स्थितियों की समीक्षा करेंगे।

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श्री गर्ग ने कहा कि विद्यार्थियों को डिग्री हिन्दी तथा अंग्रेजी दोनों भाषाओं में दी जानी चाहिये। उन्होंने छात्राओं के लिए निःशुल्क सेनेटरी पैड वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित करवाने के निर्देश भी दिये। उन्होंने विद्यार्थियों को मामूली दर पर आई आई टी आदि के लिए कोचिंग की सुविधा देने के लिए भी सिस्टम डवलेप करने के लिए कहा।
उन्होंने इंडस्ट्री स्टूडेन्ट इटरेक्शन को ज्यादा से ज्यादा बढ़ाने का सुझाव दिया तथा फीस स्ट्रक्चर की समीक्षा के भी निर्देश दिये, ताकि विद्यार्थियों पर अधिक आर्थिक भार नहीं आए।

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बैठक में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के सचिव श्री वैभव गालरिया, संयुक्त सचिव श्री एम एम सेतिया, सेन्टर फॉर इलेक्ट्रोनिक गवर्नेन्स के निदेशक श्री संदीप कुमार, राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय, कोटा की रजिस्ट्रार श्रीमती आभा जैन, तकनीकी शिक्षा पॉलिटेक्निक निदेशक श्री डीएस यादव सहित सभी 11 राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेजों के प्राचार्य तथा बोर्ड ऑफ टेक्निकल एज्यूकेशन के अधिकारी उपस्थित थे।
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