वादा करो नहीं छोड़ेगे मेरा साथ…

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वादा करो नहीं छोड़ेगे मेरा साथ…
– हिन्दुस्तानी फिल्मी संगीत के लीजेण्ड पंचम दा को स्वरांजलि
श्रीगंगानगर, 2 जुलाई 2018: वादा करो नहीं छोड़ोगे मेरा साथ… जैसे मैलोडी गीतों की स्वराजंलि से हिन्दुस्तानी फिल्म संगीत के लीजेण्ड राहुल देव बर्मन (पंचम दा) को उनकी 79वीं जयंती पर आर.डी. बर्मन फैन्स क्लब तथा राष्ट्रीय कला मन्दिर के संयुक्त तत्वावधान में रविवार शाम को आयोजित कार्यक्रम से याद किया गया। राष्ट्रीय कला मन्दिर के श्रोताओं से खचाखच भरे चौ. रामजस कला सदन ऑडिटोरियम में आयोजित इस कार्यक्रम में क्षेत्र के उभरते गायक-गायिकाओं ने लगभग तीन घंटे तक मंत्रमुग्ध किये रखा। एक के बाद एक मैलोडी गीतों की प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को झूमने को मजबूर कर दिया। कार्यक्रम में सूरतगढ़ से आये सनवर खान, बीकानेर से आये कैप्टन अजीत सिंह मामाजी, एडवोकेट ख्वाजा हसन, श्रीगंगानगर की उभरती गायिका शिवानी कश्यप, सुनिधि, शालू मिड्ढा, राजेश रियाज ने 1970 व 80 के दशक के मधुर गीतों का माधुर्य बिखेरा। कार्यक्रम की शुरुआत मन्ना डे के भजन आयो कहाँ से घनश्याम… से की गई। इसके बाद इन गायक कलाकारों ने चांद मेरा दिल…, बीती ना बिताई रैना…, मौसम मस्ताना…, तुम आ गये हो नूर आ गया…, तू प्यार तू प्रीत…, बांहों में चले आओ…, प्यार करने वाले प्यार करते हैं शान से…, हम दोनों प्रेमी…, एक मैं और एक तू…, ना कोई उमंग है ना कोई तरंग है…, सागर जैसी आँखों वाली…, दिल लेना खेल है दिलदार का…, दुनिया में लोगों को…, आओ ना गले लगाओ ना…, जाने जाँ ढूंढता फिर रहा.., मेरे सामने वाली खिडक़ी में…, ओ मेरे दिल के चैन…, जानू मेरी जान…, वादा करो नहीं छोड़ोगे मेरा साथ… और यम्मा-यम्मा… गीतों की प्रस्तुतियां पेश की। उभरती गायिका शिवानी कश्यप ने अपनी दमदार गायिकी से प्रभावित किया। सबसे ज्यादा वाहवाही उभरते गायक विशू को आर.डी. बर्मन द्वारा गाये गये गीत दुनिया में लोगों को धोखा कभी हो जाता है… पर मिली। इसी तरह कैप्टन अजीत सिंह, जो कि बीकानेर में शिक्षा विभाग में एकाउंटैंट हैं, ने भी अपनी गायिकी से श्रोताओं की दाद बटोरी। अन्य गायक कलाकारों को भी श्रोताओं ने खूब पसंद किया और तालियां बजाकर उनका हौंसला बढ़ाया। गायक कलाकारों के साथ ड्रम पर चाँद सुलेमानी, तुम्बा पर साबिर सुलेमानी, सैक्सोफोन पर मिन्टू, कांगों पर सुनील मौर्य, इलैक्ट्रिक गिटार पर जयपुर के अंशुल सक्सैना, बेस गिटार पर मुकेश और ऑर्गन पर धीरज भारती ने संगत की। कार्यक्रम में धुरी (पंजाब) से आये मिन्टू ने सैक्सोफोन और इंग्लिश फ्लूट पर आर.डी. बर्मन द्वारा संगीतबद्ध किए गए गीतों की धुनें सुनाकर श्रोताओं को आह्लादित किया। खास बात यह रही कि आर.डी. बर्मन ने फिल्मी संगीत में अपने संगीतबद्ध किए गीतों में जिन वस्तुओं का वाद्य यंत्रों के साथ बड़ी खूबसूरती से इस्तेमाल किया, उन्हीं वस्तुओं का इस कार्यक्रम में आर.डी. बर्मन फैन्स क्लब के संयोजक शैलेन्द्र सिंह शैली ने प्रयोग किया, जिससे इस लाईव कार्यक्रम को और भी शानदार बना दिया। शैलेन्द्र सिंह चौहान हर गीत की प्रस्तुति से पहले उसकी विशेषता और आर.डी. बर्मन द्वारा उसमें इस्तेमाल किए गए पारम्परिक वाद्य यंत्रों के अलावा वस्तुओं – वाद्य यंत्रों की जानकारी देते रहे, जिसने कार्यक्रम को रोचक बना दिया। मुख्य अतिथि डॉ. रहेजा, विशिष्ट अतिथि डॉ. शैलेश गोयल, कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ. महेश, माहेश्वरी, समाजसेवी एवं उद्योगपति विजय गोयल, एसडीएम यशपाल आहूजा, मोहनलाल चितलांगिया, राष्ट्रीय कला मन्दिर के अध्यक्ष निर्मल जैन, सचिव सुरेन्द्र कच्छवाहा, आर.डी. बर्मन फैन्स क्लब के अध्यक्ष श्याम सुन्दर गोस्वामी, सचिव ललित डोडा, कार्यक्रम सह संयोजक आशीष अरोड़ा सहित अनेक गणमान्य लोग तथा गीत-संगीत प्रेमी मौजूद रहे। कई दशकों से सामाजिक व धार्मिक कार्यक्रमों को समर्पित एवं गीत-संगीत के कार्यक्रमों को लगातार बढ़ावा देते आ रहे समाजसेवी विजय गोयल को आर.डी.एफ.सी. ने संगीत सेवा सम्मान प्रदान किया। इस मौके पर तपोवन नशा मुक्ति एवं पुनर्वास संस्थान के सचिव संदीप कटारिया को विशेष रूप से सम्मानित किया गया, जिन्हें हाल ही में नशा मुक्ति के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए राष्ट्रपति अवार्ड प्राप्त हुआ है। राष्ट्रीय कला मन्दिर के सचिव सुरेन्द्र कच्छवाहा ने बताया कि अगला कार्यक्रम 29 जुलाई को संगीत गुरु आशा सोबती और उनके शिष्यों का होगा। अतिथियों ने दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। कार्यक्रम का संचालन केवल सचदेवा ने किया।

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