Home Health दर्दनाक ही नहीं जीवन के लिए प्राणघातक भी होता है डेंगू का बुखार

दर्दनाक ही नहीं जीवन के लिए प्राणघातक भी होता है डेंगू का बुखार

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राष्ट्रीय डेंगू दिवस पर निकाली गई जागरूकता रैली

हनुमानगढ़.जिले में आज गुरूवार को ‘राष्ट्रीय डेंगू दिवस-2019‘ पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया. इन गतिविधियों का एक ही उद्देश्य था कि मच्छरों से होने वाले विभिन्न बीमारियों के बारे में जनमानस को जागरूक करना.
इस अवसर पर सीएमएचओ कार्यालय सहित सभी ब्लॉकों में जागरूकता रैली निकाली गई, जिसमें डेंगू, मलेरिया, जीका व चिकनगुनिया की रोकथाम और नियंत्रण के लिए लोगों को जागरूक किया गया.

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आज प्रातः सीएमएचओ कार्यालय में सीएमएचओ डॉ. अरूण कुमार ने वाहन रैली को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया. इस अवसर पर उन्होंने बताया कि डेंगू की रोकथाम और नियंत्रण हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है.हम सभी मिलकर कुछ बेहतर कर सकते हैं.स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार द्वारा हर वर्ष 16 मई को राष्ट्रीय डेंगू दिवस मनाया जाता है.

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इस दिवस को मनाने का उद्देश्य डेंगू के बारे में जागरूकता प्रसारित, निवारक कार्रवाई की पहल और रोग के संचारण वाले मौसम के समाप्त होने तक डेंगू को नियंत्रित करना है.उन्होंने बताया कि डेंगू मच्छर के काटने से प्रसारित होने वाला सामान्य वायरल रोग है.
यह रोग मच्छर के माध्यम से संचारित होता है, जिसे एडीज एजिप्टी कहा जाता है.यह दो रूपों में होता है. इसका एक रूप क्लासिकल डेंगू बुखार होता हैं, जिसे हड्डी तोड़ बुखार के रूप में जाना जाता है, क्योंकि इसमें रोगी के जोड़ों में गंभीर दर्द होता है.

दर्दनाक ही नहीं जीवन के लिए प्राणघातक भी होता है डेंगू का बुखार

इसका दूसरा रूप डेंगू हैमरेज ज्वर यानि कि रक्तस्रावी डेंगू बुखार होता हैं। यह बुखार न केवल दर्दनाक होता है बल्कि जीवन के लिए प्राणघातक भी होता है। आमतौर पर, इसके परिणामस्वरुप नाक, मसूड़ों या मूत्र में असामान्य रक्तस्राव होता है। डेंगू को रोकने का सबसे बेहतर उपाय मच्छरों के काटने और घरों के अंदर एवम् उसके आसपास मच्छरों प्रजनन के बचना है।

विभिन्न गतिविधियां आयोजित

जागरूकता रैली: सीएमएचओ कार्यालय के साथ-साथ समस्त ब्लॉकों में भी जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। हनुमानगढ़ में बीसीएमओ डॉ. ज्योति धीगड़ा ने स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया.
Not only painful but also life-threatening Dengue fever
अन्य ब्लॉकों में वाहन रैली में ऑडियो के जरिए डेंगू की जानकारी दी गई। नगर परिषद् द्वारा कचरा संग्रहण के लिए रखे गए ऑटो रिक्शा के द्वारा भी शहर में प्रचार किया गया। इन वाहनों में लगे लाउडस्पीकर पर डेंगू से सावधानी एवं बचाव के ऑडियो के जरिए लोगों को जाग्रत किया गया।
आईईसी कॉर्नर: समस्त चिकित्सा संस्थानों में आईईसी कॉर्नर स्थापित कर डेंगू से होने वाली बीमारियों के बारे में जानकारी दी गई। जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र व प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में आने वाले रोगियों, उनके परिजनों एवं अन्यों को पम्फलेट्स व प्रचार सामग्री देकर जागरूक किया गया।
लार्वा का प्रदर्शन: चिकित्सा अधिकारियों व प्रभारियों ने ओपीडी में लार्वा का प्रदर्शन कर बताया कि कैसे जमा हुए पानी में मच्छर पनपते हैं। वहां उपस्थित महिलाओं को जानकारी दी गई कि आप सभी घरों में पानी इकट्ठा ना होने दें।
कूलर, पानी की टंकी, पक्षियों के पीने के पानी का बर्तन, फ्रिज की ट्रे, फूलदान, नारियल का खोल, टूटे हुए बर्तन व टायर इत्यादि की भी जांच कर लें कि कहीं इनमें पानी तो इकट्ठा नहीं हो रहा। उन्हें पानी से भरे हुए बर्तनों व टंकियों आदि को भी ढक कर रखने की सलाह दी।

दर्दनाक ही नहीं जीवन के लिए प्राणघातक भी होता है डेंगू का बुखार

पम्फलेट्स बंटवाए: चिकित्सा कर्मियों द्वारा शहर में घूम-घूम कर पम्फलेट्स बंटवाए गए व मौखिक जानकारी दी गई। बसों, रिक्शा सवारियों, सब्जी विक्रेताओं सहित राहगिरों को भी प्रचार-सामग्री वितरित की गई। उन्हें डेंगू से होने वाले हानिकारक प्रभावों से अवगत करवाया गया। इसके साथ-साथ विभिन्न ट्रेनिंग में भी आवश्यक जानकारी दी गई.
Not only painful but also life-threatening Dengue fever
इसके अलावा स्वास्थ्यकर्मियों, एएनएम व आशा कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर जाकर कूलर, पानी की टंकी, फ्रिज आदि की जांच की गई और जहां भी उन्हें जमा पानी मिला, उसे नाली में बहा दिया गया। जहां भी जमा पानी मिला, वहां एमएलओ का छिड़काव किया गया।

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