कोर्ट ने संगरिया ईओ से कहा क्या आपको जेल भेज दें….Reprimand for not following court orders

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संगरिया में ट्रैफिक के समाधान के लिए कोर्ट के आदेश की पालना न करने पर लगाई फटकार

संगरिया.संगरिया में अस्त-व्यस्त ट्रैफिक, पैदल चलने को फुटपाथ के अभाव और हर तरफ प्रेशर हॉर्न के शोर की समस्या आदि के बारे में अदालत के आदेश की पालना नहीं होने के मामले में आज न्यायाधीश ने नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी को फटकार लगाई। वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश राजेश गजरा ने मौखिक रूप से अधिशासी अधिकारी से कहा कि क्या अदालत की अवमानना के लिए आपको जेल भिजवा दूं.
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विभिन्न सरकारी अधिकारियों के खिलाफ अदालत के फैसले की अवमानना करने के आरोप में प्रस्तुत प्रार्थना पत्र पर अदालत में आज सुनवाई के मौके पर न्यायाधीश ने यह बात कही.
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इस पर उपभोक्ता संरक्षण समिति की ओर से एडवोकेट संजय आर्य ने कहा कि आदेश की पालना के नाम पर औपचारिकता पूरी की जा रही है.जहां पार्किंग स्थल बनाने की बात कही जा रही है, वहां रेहडिय़ां आदि खड़ी रहती हैं और वहां अभी तक लाइनिंग ही नहीं की गई है.ओवरब्रिज के नीचे जहां पार्किंग बनाने की बात है, वहां तो दुनिया भर का कबाड़ पड़ा है.इस पर न्यायाधीश ने नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी को कोर्ट में बुलाने के लिए कहा। जिस पर अधिशासी अधिकारी कोर्ट में पहुंचे। अधिशासी अधिकारी ने कोर्ट को बताया कि हम लोग काम कर रहे हैं। पार्किंग के लिए स्थान चिन्हित कर दिए हैं। इस पर न्यायाधीश ने कहा कि पार्किंग की लाइनिंग क्यों नहीं की गई है तो अधिशासी अधिकारी ने जवाब दिया कि इसके लिए टेंडर आमंत्रित कर लिए हैं लेकिन चुनाव आचार संहिता के कारण काम नहीं नहीं हो सका है.
इस जवाब से नाराज न्यायाधीश ने ईओ से सवाल किया कि क्या कोर्ट के आदेश की पालना में भी आचार संहिता बाधक होती है? क्या आपको अवमानना के आरोप मेंं जेल भिजवा दूं?

Criminal implication on non-compliance of court orders to resolve traffic in Sangaria

सुनवाई में न्यायाधीश ने कोर्ट के आदेश की पालना करने और इस बारे में लिखकर देने के लिए कहा। इस पर नगर पालिका की ओर से कोर्ट में यह लिखित में दिया गया कि हम इस मामले में सद्भावी हैं और आदेश की पालना कर रहे हैं। आगामी तारीख पेशी से पहले काम पूरा कर जवाब पेश कर दिया जाएगा.
गौरतलब है कि एडवोकेट संजय आर्य की ओर से पेश लोकहित वाद पर वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश ने 16 जनवरी को फैसला सुनाया था। फैसले में न्यायाधीश ने संगरिया पालिका क्षेत्र में आवासीय, व्यवसायिक तथा सार्वजनिक स्थानों पर पार्किंग स्थल चिन्हित कर आरक्षित करने, आवागमन बाधित करने वाले वाहनों को हटाने, शहर में सुविधा और समय अनुसार भारी वाहनों का प्रवेश निषेध करने एवं सार्वजनिक मार्ग, अस्पताल, स्कूल, न्यायालय परिसर आदि को हॉर्न निषिद्ध क्षेत्र घोषित करने की व्यवस्था एवं कार्यवाही सुनिश्चित करने के आदेश प्रशासन तथा संबंधित विभागों को दिए.
फैसले की एक महीना बीतने पर पालना नहीं होने के कारण संजय आर्य ने अदालत में जिला कलक्टर, जिला पुलिस अधीक्षक, उपखंड अधिकारी संगरिया, पुलिस उप अधीक्षक संगरिया, थानाधिकारी संगरिया, नगर पालिका संगरिया, पालिका  के अधिशासी अधिकारी तथा पालिकाध्यक्ष के खिलाफ प्रार्थना पत्र पेश कर अवमानना की कार्रवाई की गुहार लगाई.

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