सेम समस्या के निराकरण व री-लाईनिंग के दौरान पेयजल हेतु करवाये जावेगंे 3291 करोड़ रू. के कार्य

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प्रथम चरण में सेम समस्या के निराकरण व री-लाईनिंग के दौरान पेयजल हेतु करवाये जावेगंे 3291 करोड़ रू. के कार्य
575 करोड़ के कार्य आदेश जारी एवं 129 करोड़ की निविदाएं प्रक्रियाधीन
हनुमानगढ, 6 मई। जल संसाधन (उत्तर) के मुख्य अभियन्ता श्री के.एल. जाखड़ ने बताया कि इन्दिरा गांधी नहर परियोजना के स्टेज प्रथम के जीर्णोद्धार एवं पुनर्द्धार के कार्य आर डब्ल्यू.एस.आर.पी.डी. के अन्तर्गत प्रगति पर है। इसके अन्तर्गत इन्दिरा गांधी फीडर की आर.डी. 496 से 671 तक (टेल), इन्दिरा गांधी मुख्य नहर की बुर्जी 0 से 200, इन्दिरा गांधी नहर परियोजना के प्रथम चरण में सेम समस्या के निराकरण तथा इन्दिरा गांधी फीडर एवं इन्दिरा गांधी मुख्य नहर की री-लाईनिंग के दौरान पीने हेतु पानी उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पेयजल पर 3291 करोड़ रू. के कार्य करवाये जावेगंे। अब तक 575 करोड़ रू. के कार्य आदेश जारी किये गये हैं, ये कार्य प्रगति पर हैं। इसके अलावा 129 करोड़ की निविदाएं स्वीकृति की प्रक्रियाधीन है।
रावतसर शाखा, सूरतगढ़ शाखा, अनूपगढ़ शाखा एवं वितरण प्रणाली की नहरो के कार्य प्रगति पर है। ये कार्य चक्रीय कार्यक्रम के दौरान जब नहरे बन्द होती तो उस अवधि में करवाये जा रहे है, क्योकि वितरण प्रणाली की नहरे कुछ अवधि में साढ़े आठ दिवस चलती है एवं साढ़े आठ दिवस बन्द रहती है तथा शेष अवधि में साढे आठ दिवस चलती है एवं सत्तरह दिवस बन्द रहती है। लेकिन इन्दिरा गांधी फीडर एवं इन्दिरा गंाधी मुख्य नहर लगातार चलती है। अतः इनके कार्य क्लोजर में ही करवाये जा सकते है।
क्लोजर के दौरान 29 मार्च से प्रारंभ हुए वर्तमान क्लोजर में इन्दिरा गांधी फीडर एवं इन्दिरा गांधी मुख्य नहर के कार्य करवाये गये जिनमें:-
(1) इन्दिरा गांधी फीडर की बुर्जी 496.868 के क्रॅास रेगुलेटर की रिपेयरः- क्लोजर के दौरान पाया गया कि इस रेगुलेटर के डाउनस्ट्रीम के प्रोटेक्शन वर्क्स क्षतिग्रस्त हो गये थे एवं नहर के बैड में 15-20 फीट गहरे गढ्ढे पड़ गये थे। इस कारण से इस क्रॉस रेगुलेटर की रिपेयर का कार्य नहर की सुरक्षा की दृष्टि से अत्यन्त आवश्यक था। इस रेगुलेटर की रिपेयर का कार्य इस क्लोजर के दौरान पूरा किया गया। इस कार्य पर लगभग 3.00 करोड़ रूपये व्यय किये गये है।
(2) इन्दिरा गांधी फीडर की हरियाणा भाग में रि-लाईनिंग का कार्यः- हरियाणा के काश्तकरो द्वारा इस कार्य को करवाये जाने में बाधा डाली गई। माननीय मुख्य मंत्राी महोदया एवं माननीय जल संसाधन मंत्राी महोदय द्वारा हरियाणा सरकार से लगातार वार्ता कर इसमें आयी बांधाओं को दूर करवाया गया। इसके फलस्वरूप इस क्लोजर की अवधि में बुर्जी 496.868 से 520 तक का कार्य निर्धारित अवधि में पूर्ण किया गया।
(3) इन्दिरा गांधी फीडर की बुर्जी 583 पर बने नवनिर्मित डाइवर्जन को लिंक करने का कार्य भी इस अवधि में किया गया तथा इन्दिरा गांधी फीडर की बुर्जी 582 से 584 तक की रि-लाईनिंग का कार्य इस क्लोजर अवधि में पूर्ण किया गया।
(4) क्लोजर के दौरान नहर के बैड के निरीक्षण के दौरान पाया गया की इन्दिरा गांधी मुख्य नहर की बुर्जी 10 से 40 तक एवं बुर्जी 48 से 56 तक नहर का बैड क्षतिग्रस्त है तथा इस रीच में नहर को पुर्ण क्षमता अनुसार चलाया जाने पर टुटने का खतरा है। अत्यन्त आवश्यक 10 बुर्जी लम्बाई में नहर के बैड की रि-लाईनिंग का कार्य पूर्ण किया गया।
(5) इन्दिरा गांधी मुख्य नहर की बुर्जी 22 के पुल का पुनर्द्धारः- यह पुल क्षतिग्रस्त होने के कारण इस पर आवगामन सुरक्षित नही रह गया था। इस कारण इसका पुनर्द्धार का कार्य प्रारम्भ किया गया।
(6) इन्दिरा गांधी मुख्य नहर की बुर्जी 335 पर 22.47 करोड़ लागत से क्रोस रेगुलेटर का निर्माण करवाने हेतु डाइवर्जन चौनल का कार्य क्लोजर में पुरा किया गया।
उन्होने बताया कि इस क्लोजर के दोैरान लगभग 75 करोड़ रूपये के कार्य किये गये।
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