संगरिया-वाल्मीकि समाज को अलग से आरक्षण देने की मांग

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वाल्मीकि समाज को अलग से आरक्षण मिले..
– आदिधर्म समाज के राट्रीय प्रवक्ता अतिकाय ने की पत्रकार वात्र्ता व सत्संग
संगरिया. आदिधर्म समाज के राष्ट्रीय प्रवक्ता व वाल्मीकि समाज के प्रचारक राजकुमार अतिकाय ने कहा कि वाल्मीकि समाज को देश की मुख्यधारा में लाने के लिए पंजाब, हरियाणा, आंध्र, तमिलनाडु की तरह राजस्थान में अलग से आरक्षण की जरूरत है ताकि समाज को उन्नति की गारंटी मिले। उन्होंने पत्रकार वार्ता में बताया कि ७० सालों से वाल्मीकि समाज वहीं पड़ा है। उनकी आर्थिक, सामाजिक, शैक्षणिक एवं राजनीतिक स्थिति दयनीय है। यह कौम पिछड़ी जाति में भी अंतिम पंक्ति में खड़ी नजर आती है। कौम आरक्षण सूची में शामिल जरूर है, पर आरक्षण का वास्तविक लाभ नहीं मिला। कहा कि अलग से आरक्षण दिलाने व समाज को जागरुक करने के लिए प्रदेश स्तरीय अभियान तहत संगरिया पहुंचे हैं। वर्तमान चुनावों के परिदृश्य में वे बोले कि नशा व नोट देकर वोट लेने वाली पार्टियों का समाज विरोध करेगा। उनके अलग आरक्षण की बात करने वाले को वोट देंगे। घोषणा पत्र देख आगामी रणनीति बनाएंगे।
अतिकाय ने कहा कि आज के समय में समाज के युवा शिक्षा के कारण पिछड़ रहे हैं। अभिभावकों को चाहिए कि वे अपने बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित करें ताकि आगे जाकर वो समाज की भलाई के लिए कार्य कर सकें। वे बोले समाज में नशावृत्ति, अंधविश्वास, अनपढ़ता व पाखंड का अब भी बोलबाला है। जिसको लेकर समाज के लोगों को जागरुक होने की जरूरत है। जीवन के दु:खों का अंत शिक्षा से संभव है। उन्होंने कहा कि आरक्षण हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है जिसे किसी भी सूरत में जाने नहीं देंगे। मोदी सरकार को दलित विरोधी कहते हुए उन पर प्रहार किया। आए दिन दलितों पर हमले हो रहे हैं। वे बोले करवा चौथ भी एक पाखंड है। मृत्यु निश्चित है, ऐसा करने से किसी का जीवन नहीं ठहरता। महिलाओं के भूखा रहने से पुरुषों को अमरत्व कैसे मिल सकता है। हरेक समाज में अंध विश्वास नहीं होना चाहिए। उन्होंने सरकारी स्कूलों का त्याग कर समाज के बच्चों को अच्छे स्कूलों में पढऩे को कहा। बोले सरकारी पॉलिसी सही नहीं है। फर्नीचर व टीचर का फर्क तो हो सकता है लेकिन सबको समानता का अधिकार देने के लिए देश में एक जैसा पाठ्यक्रम भी होना चाहिए।
इससे पूर्व बीती रात वाल्मीकि मंदिर में आदि धर्म की ओर से सत्संग का आयोजन भी हुआ। जिसमें अतिकाय व अन्य ने प्रवचनों की वर्षा कर समाज को आगे बढऩे के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कड़वी बात कहते हुए नशे व अंधविश्वास से गलत दिशा में जा रहे समाज को बदलने के लिए प्रेरित किया। वहीं समाज को आगे लाने के लिए जादू-टोना, नशा, तंत्र मंत्र का त्याग कर शिक्षित करने की सीख दी। वार्ता दौरान आदस के प्रकाश आदिवासी, वीर विजय द्राविड़, रवि दानव , मनीष दैत्य, अखिल भारतीय वाल्मीकि समाज प्रदेश उपाध्यक्ष जितेंद्र लोहरा एडवोकेट, वाल्मीकि समाज अध्यक्ष छांगीराम, जगदीश घारु व अन्य मौजूद रहे।

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