प्रस्तावित मेडिकल कालेज का निर्माण शुरू करने बाबत बी.डी. अग्रवाल को नोटिस जारी

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श्रीगंगानगर
बी.डी. अग्रवाल द्वारा मेडिकल कालेज के लिए सरकार के साथ किए एमओयू की तयशुदा शर्तों और माननीय हाई कोर्ट जोधपुर के आदेश की लगातार अवमानना करते हुए पांच साल से जानबूझकर मेडिकल कालेज का निर्माण कार्य शुरू करने में की जा रही आनाकानी के कारण आम जनता को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए जनहित में बी.डी. अग्रवाल को 15 दिन का नोटिस दिया गया है।
वरिष्ठ एडवोकेट चरण दास कम्बोज के जरिए भेजे नोटिस में बी.डी. अग्रवाल द्वारा 10 जून, 2015 को प्रस्तावित मेडिकल कालेज का भवन निर्माण कार्य शुरू करने की सही दिनांक से अवगत कराने बाबत पीडब्ल्यूडी को लिखे पत्र और एक समाचार पत्र में 3 अगस्त को हुई मीटिंग के बाद जिला कलक्टर द्वारा राज्य सरकार को भेजी रिपोर्ट के आधार पर नक्शा फीस माफी से यूआइटी द्वारा इंकार करने के तमाम तथ्यों से अवगत कराते हुए मांग की गयी है कि श्रीगंगानगर में मेडिकल कालेज खोलने हेतू पर्याप्त स्थान उपलब्ध है, श्रीगंगानगर जिला सीमावर्ती जिला है जिसमें दो सैनिक छावनियां हैं, विद्यमान जिला चिकित्सालय में आधारभूत सुविधाओं का अभाव है, क्षेत्र में डेन्टल, आयुर्वेद, फिजियोथेरेपी, नर्सिग कालेज उपलब्ध हैं, श्रीगंगानगर मुख्यालय से 250 किलोमीटर पहले अन्य कोई मेडिकल कालेज नहीं है, पंजाब व हरियाणा के आस-पड़ोस के लोग ईलाज के लिए श्रीगंगानगर आते हैं। निजी नर्सिंग होम्स में महंगा ईलाज कराने में असमर्थ आम जनता को बेहतर चिकित्सा सुविधा वाजिब कीमत पर उपलब्ध कराने हेतू राजकीय मेडिकल कालेज हेतू प्रथम वरीयता रखता है। मेडिकल कालेज निर्माण के लिए तत्कालीन जिला कलक्टर श्रीराम चौरडिय़ा के जरिए सरकार के साथ किए एमओयू में 30 जून, 2018 तक निर्माण कार्य पूरा करने की समय सीमा तय करने के बाद सरकार ने राजस्थान में 5 मेडिकल कालेज स्वीकृत किए, जिन्होंने 01 अगस्त 2018 से काम करना शुरू कर दिया और नये छात्रों को प्रवेश दिये जा चुके है, लेकिन मेडिकल कालेज का निर्माण शुरू नहीं किया जबकि माननीय हाई कोर्ट ने बी.डी. अग्रवाल को 30 जून, 2018 तक निर्माण कार्य पूरा करने के आदेश दिए।
गौरतलब है कि जिला कलक्टर ने बी.डी. अग्रवाल द्वारा नक्शा फीस की राशि करीबन 55 लाख रूपये जमा न कराने और निर्माण कार्य में सहयोग न देने बाबत राज्य सरकार को रिपोर्ट भेजी है। उक्त तथ्यों व परिस्थितियों में एडवोकेट श्रीकृष्ण कुक्कड़ ने व्यापक जनहित एवं न्यायहित में मांग की है कि नोटिस प्राप्ति के 15 दिन में मेडिकल कालेज निर्माण कार्य शुरू कर यथाशीघ्र निर्माण कार्य पूर्ण किया जावे अन्यथा बाद गुजरने मियाद नोटिस व्यापक जनहित में मजबूर होकर माननीय उच्च न्यायालय में जनहित याचिका के अलावा हाई कोर्ट के आदेश की अवमानना करने की याचिका दायर की जायेगी।

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