राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी -जिसने भी इस हमले को अंजाम दिया है उसे भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।

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संयुक्त राष्ट्र । रूस और सीरिया ने दौमा में केमिकल अटैक पर जांच की मांग की है। रूस और सीरिया की तरफ से ये बयान तब आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि जिसने भी इस बर्बरतापूर्वक हमले को अंजाम दिया है उसे इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। सोमवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक में रूस के स्थायी प्रतिनिधि वेसिली नेबेंजिया ने इस बात से इनकार किया कि रूस ने दौमा में केमिकल हथियार इस्तेमाल किया गया है और ये भी कहा कि सीरियाई अधिकारी और रूसी सैनिकों ने हमला क्षेत्र का दौरा करने के लिए विशेषज्ञों की टीम को सुविधाएं प्राप्त करवाएगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, शनिवार को हुए केमिकल हमले में 49 लोग मारे गए थे और 500 अन्य घायल हुए थे।

परिषद में तकरारों के दौरान, यूएन में अमेरिकी स्थायी प्रतिनिधि निक्की हेली ने कहा कि रूसी सत्ता के हाथ सीरियाई बच्चों के खून से रंगे हैं। साथ ही हेली ने यह भी कहा कि अगर परिषद नहीं भी चाहे तो भी वाशिंगटन इस हमले का जवाब देगा। हेली ने कहा कि जिसने भी इस हमले को अंजाम दिया है वह इंसान नहीं है। आपको बता दें कि सोमवार रात ट्रंप ने अपने नवनिर्वाचित सलाहकार जॉन बोल्टन के साथ मिलकर रक्षा अधिकारियों से मुलाकात की थी और कहा था कि 48 घंटों के भीतर वे इस बर्बर हमले का जवाब देने पर फैसला कर लेंगे। चाहे वह रूस हो, इरान हो, सीरिया हो या ये सभी हो हम इसका पता लगा लेंगे और जल्द ही इसका जवाब देंगे।

रूस और अमेरिका के बीच बढ़ते तनावों के बीच नेबेंजिया ने यूएस से कहा, हम आपसे दोस्ती करने के लिए भीख नहीं मांग रहे हैं। उन्होंने हेली को रूस को एक शासन कहकर संबोधित करने पर आपत्ति जताते हुए कहा कि बढ़ रहे तनाव के बीच अगली बार जब वह इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करेंगी तो इसका विरोध करेंगे। उन्होंने कहा कि परिषद में बकवास बयानबाजी और बल प्रयोग करने का समय चला गया। ब्रिटेन के स्थायी प्रतिनिधि करेन पियर्स ने कहा कि आज की स्थिति शीत युद्ध के दौरान के समय से भी बदतर है।

नेबेंजिया ने आरोप लगाया कि सरकार विरोधी ताकतों के पास केमिकल हथियार हैं और वे हमला कर सकते हैं। लेकिन फ्रांस के स्थायी प्रतिनिधि फ्रांकोइस डेलेत्रे ने इसपर कहा कि केवल सीरियाई सरकार ही केमिकल हथियार बनाने में सक्षम है और इस पर कोई शक ही नहीं पैदा होता कि केमिकल अटैक किसने किये हैं। हालांकि यूएन सेक्रेटरी जनरल के प्रवक्ता ने कहा कि यूएन इन किसी भी रिपोर्ट को सत्यापित फिलहाल नहीं कर रहा है, कहा कि इस की पूरी जांच की जाएगी।

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